मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैम्प आधारित सुशासन को मिली नई गति, अब तक 445 कैम्पों का आयोजन, 3.54 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुँची सरकार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी अभियानों के माध्यम से शासन को आम जनता के द्वार तक पहुँचाने का कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की भावना के अनुरूप आयोजित कैम्प राज्य में सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं।

आज प्रदेशभर में कुल 17 कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 9,674 नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। इन कैम्पों के माध्यम से आम नागरिकों ने अपनी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखीं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी और लाभ प्राप्त किया।

ये भी पढ़ें:  जब संकट आया, धामी सबसे आगे खड़े मिले; नंदा की चौकी में 12 घंटे में लौटी रफ्तार, तेज फैसलों और जवाबदेह शासन ने जीता लोगों का भरोसा

अब तक की अवधावधि में राज्य में कुल 445 कैम्पों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 3,54,059 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके अंतर्गत शासन को जनता के निकट लाकर पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन की स्थापना की जा रही है।

कैम्पों के माध्यम से न केवल शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ है तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति और प्रभावशीलता आई है।

ये भी पढ़ें:  विलुप्त होती दून बासमती की खुशबू फिर लौटेगी; मुख्यमंत्री के संकल्प, जिला प्रशासन की पहल और किसानों की मेहनत से पारंपरिक बासमती के पुनर्जीवन की जगी उम्मीद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं को पहुँचाना है। इसी संकल्प के साथ आयोजित ये कैम्प उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक मजबूत आधार बनते जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *