विरासत के संरक्षण के साथ होगा देहरादून का सुनियोजित विकास

राजधानी देहरादून की विकास यात्रा में अब उसकी पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित नजर आएगी। शहर के ऐतिहासिक एवं हेरिटेज भवनों और स्थलों के संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट (इंटेक), द्रोणा फाउंडेशन और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि श्विकास और विरासतश् एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं। देहरादून का विकास केवल आधुनिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान को बचाना भी उतना ही जरूरी है। वास्तविक प्रगति वही है जो आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों का सम्मान करे और धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखे।

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अक्टूबर में आयोजित होगी कार्यशाला, मास्टर पलान-टाउन प्लानिंग में शामिल होंगी धरोहरें
जिलाधिकारी ने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में लगे एनजीओ के पदाधिकारियों को हिस्टोरिक सिटी सीरीज-2026 के तहत शहर की विरासतों का पूर्ण विवरण के साथ दस्तावेजीकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन कर सुझाव मांगे जाएं और महत्वपूर्ण स्थलों का चयन कर उन्हें शहर की मास्टर प्लान-टाउन प्लानिंग में शामिल किया जाए।

डीपीआर बनाकर शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि चयनित स्थलों के संरक्षण के लिए कंसल्टेंट हायर कर जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।

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जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून की ऐतिहासिक धरोहरें शहर की पहचान और भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत हैं। इनके संरक्षण के लिए प्रशासन, विशेषज्ञ संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों तथा आमजन की सहभागिता से समन्वित प्रयास किए जाएंगे।

200 ऐतिहासिक परिसंपत्तियां हुई चिन्हित
बैठक के दौरान इंटेक और द्रोणा फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि शहर का व्यापक भ्रमण कर प्राथमिक स्तर पर 200 ऐतिहासिक परिसंपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है। आगामी माह में होने वाली कार्यशाला के बाद इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जशपाल चौहान, द्रोणा फाउंडेशन की डॉ. पारूल, एनएचआईयू के प्रबंधक दिव्यांशु सहित टाउन प्लानिंग एवं आईएनटीएसीएच के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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