मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने समय पर पहचान और चरणबद्ध सर्जरी से दुर्लभ एवं हाई रिस्क डबल ट्यूमर के मरीज का किया सफल इलाज

हरिद्वार। मेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने एक 58 वर्षीय मरीज का सफल इलाज किया, जो एक दुर्लभ और बेहद जटिल बीमारी से जूझ रहा था। कोटद्वार निवासी इस मरीज की जान को गंभीर खतरा था। जांच में पता चला कि उसकी गंभीर हालत का कारण मलाशय (रेक्टम) में मौजूद एक बड़ा ट्यूमर था। इसके साथ ही उसकी दाईं किडनी में भी एक अलग बड़ा ट्यूमर मौजूद था।

दिनेश सिंह नेगी, जो पहले से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, उन्हें लगातार बिगड़ती तबीयत के कारण लगभग 25 दिनों तक एक अन्य अस्पताल के आईसीयू में भर्ती रखा गया था। उनका ब्लड प्रेशर लगातार बहुत कम बना हुआ था, जिसके लिए उन्हें लगातार दवाइयां, नसों के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड्स) और इलेक्ट्रोलाइट्स दिए जा रहे थे। इसके अलावा उन्हें लगातार अत्यधिक म्यूकसयुक्त दस्त हो रहे थे, जिससे उनके शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन), पोषण की गंभीर कमी और बार-बार इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन हो रहा था। कई तरह की जांचों के बावजूद उनकी बिगड़‌ती हालत की असती वजह सामने नहीं आ सकी। वहीं, मरीज की स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सर्जरी का जोखिम बहुत अधिक था, इसलिए ऑपरेशन नहीं किया गया।

ये भी पढ़ें:  आगामी कावंड मेला -2026″ के दृष्टिगत अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड द्वारा जनपद देहरादून, टिहरी व पौडी में कांवड मेले में नियुक्त पुलिस बल को किया ब्रीफ

बेहतर इलाज की उम्मीद में मरीज के परिजनों ने मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून का रुख किया, जो ऐसे जटिल मामलों के इलाज में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। यहां उन्होंने सीनियर कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. सौरभ तिवारी से परामर्श लिया, जो जटिल कोलोरेक्टल बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञ हैं। विस्तृत जांच के बाद डॉ. तिवारी को संदेह हुआ कि मरीज की गंभीर हालत का मुख्य कारण रेक्टम में मौजूद ट्यूमर ही है। इसके बाद विभिन्न विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर मरीज को सर्जरी के लिए तैयार करने हेतु हाई-प्रोटीन डाइट, इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने के लिए गहन उपचार और अन्य जरूरी सहायक चिकित्सा शुरू की।

लगभग पांच दिनों तक सावधानीपूर्वक सर्जरी से पहले की तैयारी के बाद, मरीज का ऑपरेशन किया गया और रेक्टम के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया, जबकि यह सर्जरी काफी जोखिमभरी थी। सबसे खास बात यह रही कि ऑपरेशन के सिर्फ दो से तीन दिनों के भीतर मरीज की हालत तेजी से सुधरने लगी। उनका ब्लड प्रेशर बिना अतिरिक्त दवाइयों के सामान्य हो गया, दस्त पूरी तरह बंद हो गए, इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर सामान्य हो गया और उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। एक सप्ताह के भीतर मरीज को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

ये भी पढ़ें:  भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी – प्रधानमंत्री मोदी

इसके बाद अगले कुछ महीनों में पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और बेहतर पोषण के जरिए मरीज की शारीरिक क्षमता में सुधार हुआ। पर्याप्त रूप से स्वस्थ होने के बाद उनकी दाई किडनी में मौजूद बड़े ट्यूमर को निकालने के लिए दूसरी बड़ी सर्जरी की गई। यह ऑपरेशन भी सफल रहा। मरीज को कोई बड़ी जटिलता नहीं हुई और आठ दिनों बाद उन्हें स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने पैतृक गांव में परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं।

इस मामले पर बात करते हुए डॉ. सौरभ तिवारी, सीनियर कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा, “यह केवल एक चुनौतीपूर्ण सर्जरी का मामला नहीं था, बल्कि सही बीमारी की पहचान करना भी उतना ही कठिन था। मरीज की लंबे समय से बनी हुई गंभीर स्थिति का मुख्य कारण रेक्टम में मौजूद ट्यूमर था और इसकी सही पहचान ही इलाज की योजना बनाने में सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई। हमने दोनों सर्जरी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से इलाज करने का फैसला लिया। पहले उस समस्या का इलाज किया, जिसकी वजह से मरीज की जान को सबसे ज्यादा खतरा था। मरीज के स्वस्थ होकर ताकत वापस पाने के बाद किडनी के ट्यूमर की भी सफल सर्जरी की गई। ऐसे मामले यह साबित करते हैं कि समय पर सही जांच, सोच-समझकर बनाई गई सर्जिकल योजना और विभिन्न विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों से बेहद गंभीर और हाई रिस्क मरीजों का भी सफल इलाज संभव है।

ये भी पढ़ें:  सार्वजनिक स्थान पर लडाई झगडा कर लोक शान्ति भंग करने वालों को दून पुलिस ने पढाया कानून का पाठ, 4 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

इस दुर्लभ और जटिल मामले का सफल इलाज यह दर्शाता है कि मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और ट्यूमर संबंधी बीमारियों के इलाज में उन्नत सर्जिकल विशेषज्ञता, वैज्ञानिक चिकित्सा निर्णय और विभिन्न विशेषज्ञों की समन्वित टीम के माध्यम से मरीजों को सफल उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *