जनगणना प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्य को मसूरी प्रशासन ने थमाया नोटिस

  • मसूरी में जनगणना प्रशिक्षण से गैरहाजिरी, प्रधानाचार्य नरेश कुमार को नोटिस जारी
  • 24 घंटे में जवाब न देने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी

मसूरी। जनगणना 2027 के तहत आयोजित प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रशिक्षण में अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए मसूरी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपजिलाधिकारी एवं उपखंड जनगणना अधिकारी, मसूरी द्वारा ओक ग्रोव स्कूल, झड़ीपानी के प्रधानाचार्य नरेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जारी नोटिस के अनुसार, जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई थी, जिनके लिए 7 अप्रैल 2026 से तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें संबंधित शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन 9 अप्रैल तक भी विद्यालय के किसी भी शिक्षक/शिक्षिका ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया।

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प्रशासन ने इसे जनगणना अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना मानते हुए गंभीर लापरवाही बताया है। नोटिस में कहा गया है कि इस अनुपस्थिति के कारण राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है, जिस पर उच्च अधिकारियों ने भी नाराजगी जताई है।

उपखंड जनगणना अधिकारी ने प्रधानाचार्य से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 222 व 223 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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इस मामले की जानकारी जनगणना आयुक्त उत्तराखंड, जिलाधिकारी देहरादून और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेज दी गई है।

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